Sach – The Reality

Northeast India's First Multilingual Foremost Media Network

Northeast India's First Multilingual Foremost Media Network

इंडियन एयर फोर्स से जुड़ा एक बड़ा जासूसी मामला सामने आया है। एयर फोर्स स्टेशन में काम करने वाले एक सिविल कर्मचारी को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह कर्मचारी फाइटर विमान, मिसाइल सिस्टम और एयरबेस से जुड़ी गुप्त जानकारी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे जासूसी नेटवर्क की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है। यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने की वजह से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

असम से एक बहुत बड़ा जासूसी मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। इंडियन एयर फोर्स के असम के चाबुआ एयर फोर्स स्टेशन में काम करने वाले एक सिविल कर्मचारी को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार कर्मचारी का नाम सुमित कुमार है, जो एयर फोर्स स्टेशन में मल्टी टास्किंग स्टाफ के रूप में काम करता था। आरोप है कि उसने अपनी नौकरी और पोस्ट का फायदा उठाकर एयर फोर्स से जुड़ी बेहद गुप्त जानकारी बाहर भेजी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुमित कुमार साल दो हजार तेईस से विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में था और लगातार उनसे बात कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने फाइटर एयरक्राफ्ट की तैनाती, मिसाइल सिस्टम, और अलग-अलग एयरबेस पर तैनात जवानों और अधिकारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान से जुड़े लोगों को भेजी। यह भी शक है कि सिर्फ असम के चाबुआ एयरबेस ही नहीं, बल्कि राजस्थान के नाल एयर फोर्स स्टेशन से जुड़ी जानकारी भी लीक हुई हो सकती है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गुप्त जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भेजी जाती थी और इसके बदले आरोपी को पैसे भी मिलते थे। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने नाम से लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कुछ डिजिटल अकाउंट बनवाने में भी मदद की, ताकि विदेशी हैंडलर्स आसानी से और गुप्त तरीके से संपर्क कर सकें।
यह पूरी कार्रवाई एयर फोर्स इंटेलिजेंस और राजस्थान इंटेलिजेंस विंग के साथ मिलकर की गई। सुमित कुमार को असम के चाबुआ से हिरासत में लिया गया और फिर पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया, जहां कई एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितनी संवेदनशील जानकारी बाहर भेजी जा चुकी है। यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने की वजह से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial