सोचिए… एक मैदान, एक ताल और दस हज़ार कदम एक साथ। गुवाहाटी का सरूसजाई स्टेडियम सत्रह जनवरी को कुछ ऐसा देखने वाला है, जो असम के इतिहास में पहली बार होगा। बोडो समुदाय का पारंपरिक नृत्य बागुरुम्बा एक साथ दस हज़ार कलाकारों द्वारा पेश किया जाएगा। पूरे राज्य में इस मेगा इवेंट को लेकर ज़ोरदार तैयारी चल रही है, लगातार रिहर्सल हो रहा है और हर कदम को परफेक्ट बनाने की कोशिश जारी है। यह सिर्फ एक डांस नहीं, बल्कि असम की संस्कृति और पहचान का बड़ा प्रदर्शन होने वाला है।

असम एक ऐतिहासिक पल की ओर बढ़ रहा है। गुवाहाटी के सरूसजाई स्टेडियम में सत्रह जनवरी को कुछ ऐसा होने वाला है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। करीब दस हज़ार कलाकार एक साथ बोडो समुदाय का पारंपरिक नृत्य बागुरुम्बा पेश करेंगे। इसे सिर्फ एक डांस परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि असम की संस्कृति, एकता और पहचान का बड़ा उत्सव माना जा रहा है। इस मेगा इवेंट को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तैयारी ज़ोरों पर है। राज्य के अलग-अलग जिलों में तीन दिन का बड़ा रिहर्सल प्रोग्राम चल रहा है, ताकि सभी कलाकारों के कदम एक ताल में हों। बोको, छयगांव, पलाशबाड़ी जैसे इलाकों से सैकड़ों नर्तक गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। गांधी मैदान जैसे स्थानों पर सुबह से शाम तक कलाकार अभ्यास कर रहे हैं। बागुरुम्बा को बटरफ्लाइ डांस भी कहा जाता है और इसकी खासियत इसकी सुंदर, हल्की और लयबद्ध मूवमेंट्स हैं, जिन्हें एक साथ निभाना बड़ी चुनौती है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हजारों कलाकारों का एक साथ परफॉर्म करना आसान नहीं होता, लेकिन कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीमवर्क के ज़रिये इसे संभव बनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के ज़रिये बोडो संस्कृति की गहराई और उसकी खूबसूरती को देश और दुनिया के सामने दिखाने की कोशिश की जा रही है।
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे , जिससे कार्यक्रम को नैशनल लेवल पर पहचान मिलेगी। माना जा रहा है कि यह मास बागुरुम्बा डांस न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक यादगार पल भी बनेगा। असम एक बार फिर दिखाने जा रहा है कि जब बात संस्कृति और परंपरा की हो, तो पूरा राज्य एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ता है।