असम की राजनीति में इस वक्त बड़ी हलचल मची हुई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा के अगले कदम पर सबकी नजर टिकी है। क्या वह कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं? सोमवार रात उनके बयान और मुख्यमंत्री से हुई बातचीत के बाद सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं। आज शाम होने वाली संभावित मुलाकात को लेकर माहौल गरम है। क्या आज रात असम की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा?

असम की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल एक ही है — क्या भूपेन बोरा कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं? सोमवार रात से ही सियासी हलचल तेज हो गई, जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इशारों-इशारों में कहा कि वह जल्द ही अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे। दिन में वह पार्टी नेतृत्व के साथ नजर आए, लेकिन रात में मीडिया के सामने आकर उन्होंने कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बात करने के बाद मंगलवार रात तक अपना अंतिम निर्णय बताएंगे।
सूत्रों के मुताबिक कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सोमवार शाम बोरा की फोन पर बातचीत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से हुई। बताया जा रहा है कि इस बातचीत के दौरान बोरा ने मुख्यमंत्री को मंगलवार शाम सात बजे घोरामारा स्थित अपने घर पर आने का निमंत्रण दिया। इसके बाद से यह लगभग तय माना जा रहा है कि बोरा कांग्रेस से अलग होने का मन बना चुके हैं।
सुबह जब मुख्यमंत्री मीडिया से बात कर रहे थे, तब उन्होंने भी कहा कि आज शाम वो भूपेन बोरा से मिलने उनके घर जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा की अगर उन्हे बीजेपी जॉइन नहीं करना होता वो वो उन्हे न्योता क्यों देते । इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने यह भी बयान दिया कि बोरा कांग्रेस के “आखिरी हिंदू नेता” हैं और वह ज्यादा दिन उस पार्टी में नहीं रह पाएंगे। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
अब सबकी नजर आज रात पर टिकी है। अगर भूपेन बोरा सच में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते हैं, तो यह 2026 विधानसभा चुनाव से पहले असम की राजनीति का बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। सवाल यह है कि क्या यह कदम सिर्फ पार्टी बदलने तक सीमित रहेगा या फिर बोरा को नई जिम्मेदारी भी मिलेगी? आज की रात असम की सियासत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।