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Northeast India's First Multilingual Foremost Media Network

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असम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सड़क और रेल के लिए एक बड़ी टनल बनाने की योजना पर केंद्र सरकार फैसला ले सकती है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब अठारह हजार छह सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है। अगर मंजूरी मिलती है, तो गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच का चार घंटे का सफर घटकर करीब तीस से पैंतीस मिनट रह जाएगा। यह देश की पहली ऐसी पानी के नीचे बनने वाली सुरंग होगी, जिसमें गाड़ियां और ट्रेन दोनों चलेंगी। अब सबकी नजर कैबिनेट के फैसले पर है।

असम से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे एक बड़ा रोड-कम-रेल टनल बनाने की तैयारी है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब अठारह हजार छह सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मंजूरी मिल सकती है। अगर इसे हरी झंडी मिलती है, तो यह देश की पहली ऐसी अंडरवॉटर सुरंग होगी जिसमें एक साथ सड़क और रेल दोनों चलेंगी। यानी एक ही टनल में गाड़ियां भी चलेंगी और ट्रेन भी दौड़ेगी।
यह टनल ब्रह्मपुत्र के उत्तर किनारे पर स्थित गोहपुर को दक्षिण किनारे के नुमालीगढ़ से जोड़ेगी। अभी इस रास्ते को तय करने में करीब चार घंटे लग जाते हैं, लेकिन टनल बनने के बाद यही सफर सिर्फ तीस से पैंतीस मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और व्यापार, यात्रा और आपसी संपर्क तेज होगा। पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट को रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। असम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास है और सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी ज्यादा दूर नहीं है। ऐसे में आपात स्थिति में सेना और जरूरी सामान की तेज आवाजाही संभव हो सकेगी। अगर इस टनल को मंजूरी मिलती है, तो यह भारत के सबसे बड़े पानी के नीचे बने परिवहन प्रोजेक्ट्स में शामिल होगा और पूर्वोत्तर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

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