जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत के मामले में नया और बड़ा खुलासा सामने आया है। मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा पर करीब ₹1.1 करोड़ के फंड मिसयूज का गंभीर आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह पैसा सिद्धार्थ और चेतन धीरचारिया की कंपनी Mahavir Aqua में लगाया गया। पूछताछ में सिद्धार्थ ने कबूल किया कि यह पैसा जुबीन गर्ग की कमाई से लिया गया था। कोर्ट ने अब सिद्धार्थ शर्मा और चेतन धीरचारिया को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया है और दोनों को पहले हफ्ते जनवरी 2026 तक हलफनामा देने का आदेश दिया है।

जुबीन गर्ग की मौत के मामले में नया और अहम खुलासा सामने आया है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा पर करीब ₹1.1 करोड़ के फंड मिसयूज का आरोप है। जांच में सामने आया है कि सिद्धार्थ ने यह पैसा Mahavir Aqua, एक पैकेज्ड पानी की कंपनी, जिसमें सिद्धार्थ और चेतन धीरचारिया का हिस्सा था, में लगाया। पूछताछ में सिद्धार्थ ने कबूल किया कि यह पैसा जुबीन गर्ग की कमाई से लिया गया था।
जुबीन गर्ग के अकाउंटेंट रितु पायेंग गर्ग ने भी बयान देकर इन आरोपों की पुष्टि की। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर और आपत्तिजनक बातें सामने आई हैं, जिससे अदालत में चिंता बढ़ गई है। इस मामले में कोर्ट ने सिद्धार्थ शर्मा और चेतन धीरचारिया को नोटिस जारी किया है और कहा है कि दोनों को यह बताना होगा कि Mahavir Aqua की संपत्ति सीज न करने का कारण क्या है। कोर्ट ने दोनों को पहले हफ्ते जनवरी 2026 तक हलफनामा जमा करने का आदेश दिया है।
पुलिस ने यह भी कहा कि सिद्धार्थ ने अलग-अलग समय पर जुबीन की कमाई से नकद राशि ली, लेकिन इसे रिकॉर्ड में नहीं डाला गया। इन नए खुलासों के बाद अदालत में काफी चिंता पैदा हो गई है, क्योंकि रिपोर्ट में कई गंभीर और आपत्तिजनक बातें दर्ज हैं।