असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक सनसनीखेज खुलासा कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि असम के कुछ प्रभावशाली लोग गुप्त रूप से पाकिस्तान गए हैं, और यह भारत की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तान गया है, तो उसके पासपोर्ट पर मुहर लगी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी आधिकारिक उद्देश्य के पाकिस्तान जाने वालों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस के नेताओं एलिज़ाबेथ गोगोई और गौरव गोगोई की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने भी कभी यह दावा नहीं किया कि पाकिस्तान दौरे की बात झूठी है। उन्होंने इसे देश के खिलाफ एक कदम करार देते हुए कहा कि जब भारत की क्रिकेट टीम तक को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं है, तो कोई व्यक्ति वहां गुप्त रूप से क्यों जाएगा?
सरमा ने यह भी कहा कि अगर वह खुद बिना किसी उद्देश्य के पाकिस्तान चले जाएं, तो क्या उनसे सवाल नहीं पूछे जाएंगे? उन्होंने स्पष्ट किया कि आधिकारिक दौरे की स्थिति अलग होती है, लेकिन बिना किसी जानकारी के पाकिस्तान जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी के साथ, मुख्यमंत्री सरमा ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने पूर्वोत्तर भारत को ‘लैंडलॉक्ड’ यानी समुद्र से कटा हुआ बताया और यह दावा किया कि बांग्लादेश इस क्षेत्र के समुद्री मार्ग का संरक्षक है। मुख्यमंत्री ने इस बयान को भारत की संप्रभुता पर सवाल उठाने जैसा बताया और इसे पूरी तरह अपमानजनक करार दिया।