असम ने भारत के डिजिटल और औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) ने मिलकर देश का पहला 5G कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।
यह नेटवर्क विशेष रूप से नुमालीगढ़ रिफाइनरी के लिए होगा और इसका उपयोग केवल औद्योगिक कामों में किया जाएगा, न कि आम लोगों द्वारा। इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने इसे असम के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह “डिजिटल असम” और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक विशाल कदम है।
क्या होगा इस 5G नेटवर्क से फायदा?
इस 5G नेटवर्क की मदद से रिफाइनरी के कामकाज में काफी तेजी आएगी। मशीनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, तेज़ डेटा प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन, और डिजिटल तकनीकों का उपयोग और भी स्मार्ट और सटीक होगा। इसके ज़रिए इंडस्ट्री में IoT (Internet of Things), AR/VR (Augmented और Virtual Reality) और Big Data Analytics जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का सीधा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इससे न केवल रिफाइनरी के ऑपरेशंस में सुधार होगा, बल्कि असम के औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
पूरे देश के लिए बन सकता है मॉडल
BSNL और NRL दोनों ही इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्साहित हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो भारत के अन्य औद्योगिक सेक्टर भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
यह पहल डिजिटल इंडिया की सोच को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह न केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में असम को आगे लाएगा, बल्कि भारत को एक आत्मनिर्भर और डिजिटल राष्ट्र बनाने के सपने को भी मजबूती देगा।
असम में BSNL और NRL की इस साझेदारी से जो 5G नेटवर्क तैयार हो रहा है, वह देश की पहली ऐसी कोशिश है जिसमें इंडस्ट्री के लिए एक प्राइवेट 5G नेटवर्क बनाया जा रहा है। यह कदम असम को भारत के डिजिटल मानचित्र पर सबसे आगे खड़ा करता है और भविष्य के तकनीकी बदलावों की नींव रखता है।