असम में आने वाले दिनों में राजनीति का पारा चढ़ने वाला है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 अगस्त को गुवाहाटी में नव-निर्मित राजभवन का उद्घाटन करेंगे। इसे राज्य के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद शाह एक महत्वपूर्ण पंचायत बैठक में शामिल होंगे, जिसमें हाल ही में स्थानीय चुनावों में जीत दर्ज करने वाले सभी एनडीए प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। यह बैठक राजनीतिक चर्चा और आने वाली रणनीतियों को तय करने का एक अहम मंच बनेगी।
अमित शाह इस दौरे में असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की जन्म शताब्दी समारोह में भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के जरिए ऐतिहासिक राजनीतिक विरासत के महत्व को एक बार फिर से उजागर किया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा का मानना है कि यह यात्रा असम में एक सक्रिय राजनीतिक चरण की शुरुआत का संकेत है, जहां एनडीए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
इसके तुरंत बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 8 सितंबर को असम का दौरा करेंगे। उनके कार्यक्रम में सबसे पहले नुमालीगढ़ रिफाइनरी का आयोजन शामिल है, जहां राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री इसके बाद असम के महान गायक और सांस्कृतिक प्रतीक भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेंगे। साथ ही, वे मंगलदोई में एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और नुमालीगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
इन दोनों हाई-प्रोफाइल दौरों से साफ है कि असम पर केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान काफी बढ़ गया है। भाजपा और एनडीए के लिए यह दौर राजनीतिक रणनीतियों को मजबूत करने और आगामी चुनावी तैयारियों को धार देने का एक सुनहरा अवसर बन सकता है। आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति और तेज़ और दिलचस्प होने की संभावना है।