बारिश का समय चल रहा हैं, और हर जगह बादल के ज्यादा बरसने की वजह से आने जाने के रास्ते खराब हो रहें हैं, लोगों को दिक्कतें आ रहीं हैं, बच्चों के पढ़ाई पर असर पड़ रहा है, घर से बाहर काम करने वाले लोगों को अपने काम पर जाने में मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा हैं। ऐसे में एक दृश्य सामने आया हैं, जहां साफ देखा जा सकता हैं की एक गर्भवती महिला को चार आदमी चारपाई के ऊपर ले जा रहें हैं, रास्ता काफी खराब हैं इस वजह से एम्बुलेंस उनके घर तक नहीं पहुँच पाया, जिसके कारण गाँव वालों को ये कदम उठाना परा। ये दृश्य शाहजहाँपुर की हैं, जहां इनको दो किलोमिटर तक इसी तरह से चलना परा, 2 किलोमिटर चलने के बाद सरकारी एम्बुलेंस खड़ी थी।

सवाल सिर्फ एक हादसा का नहीं हैं, बाढ़ की वजह से लोगों को घर से बाहर निकलने में भी दिक्कतें हो रहीं हैं, गाँव के साथ साथ कई शहरों में भी भारी बारिश की वजह से रास्ते बिगड़ गए हैं। जब से जुलाई मे बारिश शुरू हुई हैं तब से कहीं पूल टूट रही हैं तो कहीं सैकड़ों मौतों की खबर सामने आ रहीं हैं।

ऐसे में सवाल बनता हैं की आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार की ये जिम्मेदारी नहीं हैं की वो बारिश से पहले ही इन रास्तों को कम से कम उतना सुधार दे जिस से एम्बुलेंस की आवाजाही हो सके। ये हादसा गर्भवती महिला से जुड़ा था इसी वजह से कोई जान नहीं गई लेकिन हादसे कभी बता कर नहीं आते, कुछ हादसे ऐसे होते हैं जिस में आपके पास समय काफी कम होता हैं और अगर ऐसे ही रास्ते बिगड़े रहें तो फिर दिक्कतें और बढ़ जाती हैं।