पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़प को लेकर अब बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने आ गई है. ममता बनर्जी ने इस घटना को पूर्वनियोजित बताया है। रामनवमी यानी 17 अप्रैल को मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर में शोभायात्रा के दौरान विस्फोट किया गया था, जिसका जिम्मेदार ममता बनर्जी ने बीजेपी को ठहराया है। लोकसभा चुनाव के लिए ममता बनर्जी रायगंज निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली कर रही थी, इस रैली के दौरान उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा हा कि मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा पूर्व नियोजित थी, आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ये हिंसा आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर करवाई है।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को भारत के चुनाव आयोग के समक्ष राज्यपाल सीवी आनंद बोस के चल रहे लोकसभा चुनाव में कथित “अवैध हस्तक्षेप” के बारे में चिंता जताई। शिकायत में बोस पर मतदान के दिनों में, विशेष रूप से 18, 19 अप्रैल को “शांत अवधि” के दौरान मतदान क्षेत्रों का दौरा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी ने राज्यपाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले 22 मार्च को पार्टी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बोस पर आम चुनावों में “अवैध रूप से हस्तक्षेप” करने और चुनाव आयोग के समान “समानांतर कार्यालय” स्थापित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था। वहीं, गवर्नर ने कहा है कि मेरी प्राथमिकता बंगाल के लोगों के साथ रहना है। मैं किसी को मुझे मोहरे के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दूंगा।
पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में राज्यपाल सीवी आनंद बोस का 18 और 19 अप्रैल का दौरा प्रस्तावित था। लेकिन चुनाव प्रचार थमने के बाद उनके इस प्रस्तावित दौरे का रद्द करने के लिए चुनाव आयोग ने सलाह दी थी। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग का मानना है कि ऐसे में यह प्रस्तावित दौरा नहीं किया जा सकता है। आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के तहत राज्यपाल के लिए कोई भी स्थानीय कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता है।