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आज पूरे देश में भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आज आम हड़ताल हो रही है, जिसमें तीन करोड़ से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी शामिल होने का दावा किया जा रहा है। मजदूर संगठनों के साथ-साथ किसान संगठनों ने भी इस भारत बंद को समर्थन दिया है। इस बंद का असर कई राज्यों में दिख रहा है। असम और ओडिशा में हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां लगभग पूरा बंद है। बैंक, बस और बाजार पर असर पड़ा है, जबकि अस्पताल, एंबुलेंस और दूसरी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।

आज पूरे देश में भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है। बारह फरवरी को देशभर में ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बड़ी हड़ताल हो रही है, जिसमें यूनियनों का दावा है कि तीन करोड़ से ज्यादा मजदूर और कर्मचारी शामिल हुए हैं। यह भारत बंद 14 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर बुलाया है, जिसे किसान संगठनों, ग्रामीण मजदूर समूहों और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों का भी समर्थन मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट्स के कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है।
हड़ताल की सबसे बड़ी वजह चार नए लेबर कोड हैं। यूनियनों का कहना है कि ये कानून मजदूरों के अधिकार कमजोर करते हैं और रोजगार की सुरक्षा खत्म करते हैं। इसके अलावा यूनियन मनरेगा को मजबूत करने, पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने, नई शिक्षा नीति को लागू न करने और सिविल सेवाओं से जुड़ी नीतियों पर दोबारा विचार करने की मांग कर रही हैं।
किसान संगठनों की नाराजगी भी इस भारत बंद की बड़ी वजह बनी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते पर सवाल उठाए हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसी कारण किसानों ने भी भारत बंद को खुला समर्थन दिया है।
हड़ताल का असर देश के करीब छह सौ जिलों में दिखने की बात कही जा रही है। ओडिशा और असम में हालात ज्यादा गंभीर हैं, जहां लगभग पूर्ण बंद की स्थिति है। कई इलाकों में चक्का जाम की खबरें हैं, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। राज्य परिवहन की बसें और ऑटो सेवाएं कई जगह ठप पड़ी हैं।
बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि सरकारी बैंकों के कर्मचारी संगठनों ने भारत बंद का समर्थन किया है। कई राज्यों में बाजार और दुकानें बंद रहने की खबरें हैं, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अस्पताल, एंबुलेंस, मेडिकल सेवाएं, एयरपोर्ट और एटीएम जैसी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चालू रखी गई हैं।
कुल मिलाकर, बड़े पैमाने पर भागीदारी के दावे के साथ आज का भारत बंद देश के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित करता दिख रहा है और सरकार की नीतियों के खिलाफ मजदूरों और किसानों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।

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