देशभर के करोड़ों किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। साल 2026 से किराए के घरों को लेकर कई नए नियम लागू किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत अब मकान मालिक बिना बताए घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, किराया साल में सिर्फ एक बार बढ़ाया जा सकेगा और सिक्योरिटी डिपॉजिट की भी सीमा तय कर दी गई है। इतना ही नहीं, अगर घर की जरूरी मरम्मत समय पर नहीं होती तो किरायेदार खुद काम कराकर उसका खर्च किराए से काट सकेंगे।

साल 2026 से देश में किरायेदारों और मकान मालिकों से जुड़े कई नए नियम लागू हुए हैं, जो दोनों के अधिकार और जिम्मेदारियों को पहले से ज्यादा साफ और संतुलित बनाएंगे। नए नियमों के मुताबिक अब मकान मालिक बिना बताए किराए के घर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें घर में आने से पहले कम से कम 24 घंटे पहले किरायेदार को सूचना देनी होगी। इसके साथ ही किराया बढ़ाने को लेकर भी नया प्रावधान किया गया है। अब मकान मालिक साल में सिर्फ एक बार ही किराया बढ़ा सकेंगे और इसके लिए भी 90 दिन पहले किरायेदार को नोटिस देना जरूरी होगा।
नए नियमों में सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर भी बड़ी राहत दी गई है। अब मकान मालिक किरायेदार से दो महीने के किराए से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं मांग पाएंगे। इसके अलावा किसी भी किरायेदार को जबरदस्ती घर खाली कराने की भी इजाजत नहीं होगी। अगर मकान मालिक को घर खाली करवाना है तो उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। वहीं अब हर रेंट एग्रीमेंट को 60 दिन के अंदर डिजिटल स्टांप के साथ आधिकारिक रूप से रजिस्टर करना भी जरूरी होगा।
सबसे अहम बात यह है कि अगर किराए के घर में कोई जरूरी मरम्मत का काम है और मकान मालिक 30 दिन के अंदर उसे नहीं करवाते, तो किरायेदार खुद वह काम करवा सकता है और उसका खर्च किराए से काट सकता है। साथ ही किरायेदार को परेशान करने के लिए ताला बदलना, पानी या बिजली काट देना या धमकी देना कानून के तहत अपराध माना जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सकती है।