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बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। करीब बीस साल तक राज्य की सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि वे अब राज्यसभा जाना चाहते हैं और संसद में काम करना चाहते हैं। उनके इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी। क्या भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा या फिर जेडीयू किसी नए चेहरे को आगे करेगी? और क्या इसी के साथ नीतीश कुमार के बेटे की भी राजनीति में एंट्री होने वाली है? बिहार की राजनीति में अब आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।


बिहार की राजनीति से इस समय एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। करीब बीस साल तक राज्य की राजनीति का चेहरा रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी और कहा कि उनके मन में बहुत समय से एक इच्छा थी कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। उन्होंने बताया कि अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही उनका सपना था कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के भी दोनों सदनों का हिस्सा बनें। इसी वजह से अब उन्होंने राज्यसभा जाने का फैसला किया है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर उनके साथ में गृहमंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।। उनके इस फैसले ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। क्योंकि जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की बात कही, वैसे ही यह साफ हो गया कि बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों की चर्चा भी शुरू हो गई है। भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि राजनीति में अक्सर आखिरी समय में चौंकाने वाले फैसले भी देखने को मिलते हैं, इसलिए यह भी संभव है कि कोई नया नाम सामने आ जाए। दूसरी तरफ जेडीयू भी अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर सकती है।
इसी बीच एक और चर्चा तेजी से चल रही है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की भी अब सक्रिय राजनीति में एंट्री हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उन्हें बिहार विधानपरिषद भेजा जा सकता है और भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। वहीं पटना में जेडीयू के कुछ समर्थकों ने विरोध भी शुरू कर दिया है। समर्थक नीतीश कुमार से अपील कर रहे हैं कि वे अपना फैसला वापस लें और मुख्यमंत्री पद पर बने रहें। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति इस समय एक बड़े मोड़ पर खड़ी है और आने वाले दिनों में यहां कई बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं।

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