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मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे गांव को हंसी और हैरानी दोनों में डाल दिया। मामला ज़्यादा बड़ा नहीं था, बस दो लड्डुओं का था। लेकिन यह छोटा-सा मीठा विवाद अब पूरे इलाके की सबसे बड़ी “गर्मागर्म चर्चा” बन चुका है।

दरअसल, 15 अगस्त को नौधा पंचायत भवन में ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ। परंपरा के मुताबिक, झंडा फहराने के बाद ग्रामीणों को लड्डू बांटे जाने थे। पंचायत का चपरासी धर्मेंद्र मिठाई बांट रहा था। तभी गांव के रहने वाले कमलेश कुशवाहा भी लड्डू लेने पहुंचे। धर्मेंद्र ने उन्हें एक लड्डू थमा दिया, लेकिन कमलेश दो लड्डू की ज़िद पर अड़ गए। धर्मेंद्र ने दो देने से साफ़ मना कर दिया और यहीं से शुरू हो गया “लड्डू संग्राम”।

कमलेश नाराज़ हो गए और वहीं से सीधे 181 पर फोन मिलाकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में लिखा गया कि “स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर झंडावंदन के बाद भी ग्राम पंचायत की ओर से उचित मिठाई नहीं दी गई। समस्या का जल्द निराकरण किया जाए।”

जैसे ही शिकायत पंचायत सचिव रवींद्र श्रीवास्तव तक पहुँची, वह भी हैरान रह गए। सचिव ने जब मामले को समझा तो मज़ाकिया अंदाज़ में कहा—“ठीक है, उसे एक किलो का डिब्बा खरीदकर दे देंगे और माफी भी मांग लेंगे।”

अब गांवभर में यही बात चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि “समस्या कितनी भी छोटी क्यों न हो, अब तो लोग सीधे सीएम हेल्पलाइन का बटन दबा रहे हैं।”

लोगों के बीच तरह-तरह की चटपटी टिप्पणियाँ भी चल रही हैं। कोई कह रहा है “कमलेश भाई स्वतंत्रता दिवस पर मिठाई की आज़ादी मांग रहे थे”, तो कोई बोल रहा है “भई, ये तो लड्डू की स्वतंत्रता संग्राम है!”

कुल मिलाकर, इस पूरे मामले ने यह तो साबित कर दिया कि अब जनता किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लेती। चाहे बात सड़क की हो, पानी की हो या फिर सिर्फ एक लड्डू की।

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