गुवाहाटी के जालुकबारी इलाके से बड़ी खबर सामने आई है। स्थानीय निवासी धनजित देबनाथ ने APDCL के अधिकारी रुबुल हालोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि साल भर से बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया और अधिकारी ने धमकी भी दी, कहते हुए — मैं मुख्यमंत्री का आदमी हूँ, मामा का आदमी हूँ, तुम मेरे खिलाफ कुछ नहीं कर सकते। अब इस मामले में जालुकबारी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह सिर्फ बिजली का विवाद नहीं, बल्कि सियासी दबंगई और प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा बन गया है।

गुवाहाटी के जालुकबारी इलाके से एक गंभीर विवाद सामने आया है। स्थानीय निवासी धनजित देबनाथ ने APDCL के अधिकारी रुबुल हालोई पर आरोप लगाया है कि उसने बिजली कनेक्शन देने में जानबूझकर देरी की और धमकी दी। धनजित का कहना है कि उसने 5, जुलाई 2025 को कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब, साल भर से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, बिजली कनेक्शन नहीं मिला।
धनजित ने बताया कि उसके जमीन से जुड़ी सभी कानूनी अड़चनें पहले ही निपट चुकी हैं और कोर्ट ने उसके पक्ष में आदेश भी दिया है। इसके बावजूद, अधिकारी ने अदालत के आदेश की अवहेलना की और उसे परेशान करना जारी रखा। धनजित ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने खुलेआम राजनीतिक ताकत का हवाला देते हुए धमकी दी और “मैं मुख्यमंत्री का आदमी हूँ, मामा का आदमी हूँ, तुम मेरे खिलाफ कुछ नहीं कर सकते।”
धनजित ने यह भी कहा कि अधिकारी ने दावा किया कि उसे सीधे मुख्यमंत्री ने नियुक्त किया है और उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। इस पूरे मामले के बाद धनजित ने जालुकबारी पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और अब पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।