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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ पर आ गया है। बीते दो दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और भारी गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं। अब तक इस संघर्ष में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है

इस बीच कंबोडिया ने अंतरराष्ट्रीय मंच का सहारा लिया है और संयुक्त राष्ट्र से ‘तुरंत और बिना शर्त संघर्षविराम’ लागू करवाने की मांग की है। दूसरी ओर, थाईलैंड ने भी बातचीत के संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन उसने यह साफ कर दिया है कि वह किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा। थाईलैंड की ओर से कहा गया है कि यह मसला द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाया जाएगा।

गौरतलब है कि अमेरिका, चीन और मलेशिया (जो इस समय ASEAN का अध्यक्ष भी है) ने इस विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन थाईलैंड ने फिलहाल किसी बाहरी हस्तक्षेप को खारिज कर दिया है।
इधर, बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। भारत ने थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद को लेकर अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि भारतीय नागरिक वर्तमान हालात को देखते हुए सीमा क्षेत्रों की यात्रा से फिलहाल बचें।
दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जो भी भारतीय नागरिक कंबोडिया या आसपास के क्षेत्रों में मौजूद हैं, वे थाईलैंड से सटी सीमा पर न जाएं, क्योंकि वहां की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है।
अगर किसी भी भारतीय को आपातकालीन सहायता की आवश्यकता हो, तो वे दूतावास के नंबर +855 92881676 पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल: cons.phnompenh@mea.gov.in पर लिख सकते हैं।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह विवाद मुख्यतः सीमा पर स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को लेकर है, जिसे दोनों देश अपना बताते हैं। अतीत में भी कई बार इस मुद्दे को लेकर सैन्य टकराव हो चुका है, लेकिन इस बार की हिंसा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
स्थिति पर अब सबकी निगाहें हैं कि क्या दोनों देश बातचीत की राह पर लौटेंगे या यह विवाद और गंभीर रूप ले लेगा।

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