यूपी के ग्रेटर नोएडा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। सिरसा गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर जिंदा जला दिया गया। इस दर्दनाक वारदात ने एक बार फिर दहेज जैसी कुरीति की क्रूर तस्वीर को सामने ला दिया है।
मृतका निक्की की शादी दिसंबर 2016 में विपिन नामक युवक से हुई थी। शादी में निक्की के परिवार ने स्कॉर्पियो गाड़ी और काफी सामान दिया था। लेकिन पति और ससुरालवालों की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। परिवार लगातार 35 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था।
21 अगस्त को पति विपिन और उसके घरवालों ने निक्की के साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद उस पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। पड़ोसियों ने तुरंत निक्की को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। पहले फोर्टिस और फिर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही निक्की ने दम तोड़ दिया।
बेटे का बयान – “पापा ने मम्मी को जला दिया”
इस घटना का सबसे खौफनाक पहलू तब सामने आया जब निक्की के छोटे बेटे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में मासूम बच्चा कह रहा है – “पापा ने मम्मी को लाइटर से जला दिया।” बेटे की यह मासूमियत और सच्चाई सुनकर लोगों का खून खौल उठा और पूरे सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति विपिन को हिरासत में ले लिया है। निक्की के जेठ रोहित, सास दया और ससुर सतवीर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं। घटना के बाद गुस्साए लोग कासना थाने के बाहर जमा हो गए। हाथों में “Justice for Nikki” की तख्तियां लिए लोग नारेबाजी करते दिखे।
बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ निक्की की हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए आईना है। आखिर कब तक बेटियां दहेज की आग में जलती रहेंगी? कब तक लालच में अंधे परिवार औरतों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहेंगे? निक्की की मौत ने एक बार फिर इस कुप्रथा को खत्म करने की ज़रूरत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।