गुवाहाटी के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने शहर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) खोलने की मंजूरी दे दी है। यह नॉर्थ ईस्ट का दूसरा IIM होगा। इससे पहले साल 2007 में शिलांग में पहला IIM स्थापित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के लिए 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया गया है।
नया IIM गुवाहाटी को एक बड़े एजुकेशन हब के रूप में नई पहचान देगा। यहां पहले से मौजूद IIT गुवाहाटी, AIIMS चांगसारी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के साथ यह संस्थान शहर की शैक्षणिक ताकत को और कई गुना बढ़ा देगा।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस IIM के शुरू होने से पूर्वोत्तर में मैनेजमेंट एजुकेशन की वर्षों पुरानी कमी पूरी होगी। देशभर के छात्रों को यहां उच्च स्तरीय पढ़ाई और रिसर्च के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। यह संस्थान टॉप टैलेंट को आकर्षित करेगा, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के साथ-साथ देश की आर्थिक तरक्की में भी अहम भूमिका निभाएगा।
यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है जिसके तहत पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। हाल के वर्षों में यहां केंद्रीय विश्वविद्यालय, AIIMS कैंपस और कई विशेष शोध संस्थान खोले गए हैं। इस पहल का मकसद है क्षेत्रीय असमानताओं को खत्म करना, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय व वैश्विक आर्थिक नेटवर्क से और गहराई से जोड़ना।
अब गुवाहाटी में IIM की स्थापना का यह विधेयक संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जाएगा, जिससे उत्तर-पूर्व के शिक्षा जगत में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।