गुवाहाटी से बड़ी खुशखबरी सामने आई है! अब कमाख्या मंदिर पहुँचने का सफर होगा और भी आसान और तेज। असम सरकार ने कमाख्या रोपवे प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसकी मदद से मंदिर जाने में लगने वाला समय घटकर सिर्फ छह मिनट हो जाएगा। यह आधुनिक रोपवे रोजाना सोलह हजार पांच सौ से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर देगा। अठारह गोंडोलाओं के साथ तैयार यह प्रोजेक्ट न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि गुवाहाटी में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देगा।

असम सरकार ने कमाख्या मंदिर तक पहुँच को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने कमाख्या रोपवे प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसकी लागत दो सौ तेरह करोड़ चौबीस लाख रुपये है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि गुवाहाटी में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देगा।
यह आधुनिक रोपवे कमाख्या रेलवे स्टेशन को हिलटॉप मंदिर से जोड़ेगा। इसकी लंबाई एक किलोमीटर तैंतालीस मीटर है। इस रोपवे की मदद से मंदिर पहुँचने में लगने वाला समय अब केवल छह मिनट होगा, जबकि अभी इसे पूरा करने में लगभग बीस मिनट लगते हैं।
इस प्रोजेक्ट में अठारह आधुनिक गोंडोलाओं का इस्तेमाल किया जाएगा, जो रोजाना सोलह हजार पांच सौ से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक तरीके से मंदिर तक पहुँचाएंगी। रोपवे पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। सरकार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही गुवाहाटी और उसके आसपास पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
कमाख्या रोपवे प्रोजेक्ट राज्य की धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि गुवाहाटी और पूरे असम के लिए यह पर्यटन और विकास का एक बड़ा अवसर भी साबित होगा।