उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है। एनडीए ने अपने उम्मीदवार के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का नाम पहले ही घोषित कर दिया था। वहीं आज विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक के बाद उनके नाम पर सहमति बनी। बैठक के बाद खरगे ने कहा कि जस्टिस रेड्डी के नाम पर सर्वसम्मति से फैसला हुआ है और इंडिया गठबंधन इस चुनाव को विचारधारा की लड़ाई मान रहा है।
विपक्ष की रणनीति
लंबे मंथन और कई दौर की बैठकों के बाद विपक्ष ने इस बार राजनीति से बाहर का चेहरा चुनने का फैसला किया। विपक्ष चाहता था कि उम्मीदवार की छवि बेदाग हो और जिसे पूरे गठबंधन का चेहरा माना जा सके। यही वजह रही कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रेड्डी का नाम सामने आया।
डीएमके की मांग थी कि उम्मीदवार दक्षिण भारत से हो, वहीं टीएमसी गैर-राजनीतिक चेहरा चाहती थी। कांग्रेस और अन्य दल भी सर्वमान्य चेहरा चाहते थे। इन सभी मानकों पर जस्टिस रेड्डी खरे उतरे।
दिलचस्प होगा चुनावी मुकाबला
अब यह मुकाबला सीधा एनडीए के सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा। 9 सितंबर को चुनाव होना है और जस्टिस रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन करेंगे।
हालांकि नंबर गेम के लिहाज से एनडीए के उम्मीदवार का पलड़ा भारी माना जा रहा है, लेकिन विपक्ष ने यह साफ संदेश दिया है कि यह चुनाव सिर्फ पद का नहीं बल्कि विचारधारा और एकता का संघर्ष भी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के इन उम्मीदवारों के बीच उपराष्ट्रपति पद का मुकाबला अब बेहद रोचक हो चला है। एक ओर जहां एनडीए गठबंधन की संख्यात्मक बढ़त है, वहीं विपक्ष ने गैर-राजनीतिक और बेदाग छवि वाले उम्मीदवार को उतारकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।