Sach – The Reality

Northeast India's First Multilingual Foremost Media Network

Northeast India's First Multilingual Foremost Media Network

देश की सुरक्षा को लेकर आज एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी पहली समग्र एंटी-टेरर पॉलिसी “प्रहार” लागू कर दी है। अब आतंकियों पर सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि हमला होने से पहले ही उन्हें रोकने की तैयारी की गई है। जीरो टॉलरेंस की नीति को और मजबूत किया गया है। ड्रोन अटैक, साइबर खतरे, सोशल मीडिया के जरिए भर्ती, फंडिंग नेटवर्क — हर स्तर पर सख्त नजर रखी जाएगी। केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे, इंटरनेशनल सहयोग भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही आतंक के शिकार लोगों के पुनर्वास पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। तो आखिर क्या है “प्रहार” नीति की पूरी रणनीति? कैसे बदलेगी देश की सुरक्षा व्यवस्था?

देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने “प्रहार” नाम की नई एंटी-टेरर पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी का मकसद साफ है — आतंकी हमला होने से पहले ही उसे रोकना। अब सिर्फ घटना के बाद एक्शन नहीं, बल्कि पहले से प्लानिंग, मॉनिटरिंग और रोकथाम पर पूरा फोकस रहेगा। गृह मंत्रालय ने दोहराया है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रहेगा।
इस पॉलिसी में अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे संगठनों से लेकर ड्रोन, साइबर और केमिकल अटैक जैसे नए खतरों तक सबको शामिल किया गया है। सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए होने वाली आतंकी भर्ती पर सख्त कार्रवाई होगी। ओवरग्राउंड वर्कर और फंडिंग नेटवर्क को तोड़ने की योजना भी इसमें शामिल है। मल्टी एजेंसी सेंटर के जरिए केंद्र और राज्यों के बीच तेजी से जानकारी शेयर की जाएगी, ताकि कोई भी इनपुट छूट न जाए।
इसमें केंद्र-राज्य समन्वय पर खास जोर दिया गया है, ताकि हर राज्य एक ही दिशा में काम करे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ाया जाएगा, ताकि दूसरे देशों के साथ मिलकर आतंक के खिलाफ लड़ाई मजबूत हो।
एक और अहम बात यह है कि इस पॉलिसी में आतंक के शिकार लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया गया है। पीड़ितों को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी मदद दी जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस आ सकें।
रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों और बंदरगाहों जैसी संवेदनशील जगहों की सुरक्षा और कड़ी की जाएगी। पुलिस और सुरक्षा बलों को नई टेक्नोलॉजी, मॉडर्न हथियार और स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार ने साफ कहा है कि आतंकवाद को किसी धर्म, जाति या देश से नहीं जोड़ा जाएगा। कानून के तहत कार्रवाई होगी और आरोपियों को न्याय प्रक्रिया का पूरा अधिकार मिलेगा।
साफ है, “प्रहार” पॉलिसी सिर्फ एक कागजी योजना नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा को हर स्तर पर मजबूत करने की बड़ी तैयारी है।

Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial