पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सातवीं पुण्यतिथि पर देश ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अटल जी का जीवन समर्पण और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्र के चौतरफा विकास के लिए जो योगदान दिया, वही आज विकसित और आत्मनिर्भर भारत की राह में सभी को प्रेरणा देता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में साफ कहा कि अटल जी हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे और उनके विचार नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की ताकत देंगे।
दिल्ली में बने उनके स्मारक ‘सदैव अटल’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई गणमान्य लोग पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। अटल बिहारी वाजपेयी न केवल भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक थे, बल्कि वह ऐसे नेता रहे जिन्होंने देश की राजनीति की दिशा बदल दी।
वाजपेयी जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 1996 में केवल 13 दिनों के लिए, दूसरी बार 1998 में 13 महीने के लिए और तीसरी बार 1999 में जब उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में पूरा कार्यकाल पूरा किया। वे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
अटल जी को देश में आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। उनके फैसलों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और विकास की राह तेज की। यही कारण है कि आज भी उन्हें एक दूरदर्शी नेता और एक सशक्त वक्ता के रूप में याद किया जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर देश ने फिर एक बार उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया।